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अमित शाह का तमिलनाडु दौरा मेरे आंख और कान हमेशा तमिलनाडु में रहते है।amit shah tamilnadu visit

अमित शाह का तमिलनाडु दौरा और बीजेपी का मास्टर प्लान 2026

अमित शाह का तमिलनाडु दौरा और बीजेपी का मास्टर प्लान 2026

अमित शाह तमिलनाडु दौरा

प्रकाशन तिथि: 8 जून 2025

परिचय

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तमिलनाडु दौरा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। तमिलनाडु, जहां द्रविड़ दलों (डीएमके और एआईएडीएमके) का वर्चस्व रहा है, बीजेपी के लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन रणनीतिक राज्य है। शाह का मास्टर प्लान गठबंधन, संगठनात्मक मजबूती, और डीएमके के खिलाफ आक्रामक प्रचार पर आधारित है। इस लेख में हम उनके हालिया दौरे और बीजेपी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

अमित शाह का तमिलनाडु दौरा

जून 2025: मदुरै में रणनीतिक शुरुआत

7 जून 2025 को शाह मदुरै पहुंचे और अगले दिन बीजेपी की राज्य कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:

"2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी। डीएमके ने 60% वादे पूरे नहीं किए और केंद्र की योजनाओं का दुरुपयोग किया।"

शाह ने मीनाक्षी मंदिर में दर्शन किए और 10,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को एकता और अनुशासन का संदेश दिया।

अप्रैल 2025: गठबंधन की नींव

अप्रैल 2025 में चेन्नई दौरे के दौरान शाह ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन की घोषणा की। उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन पर भी चर्चा की, जिसमें वनथी श्रीनिवासन और नैनार नागेंद्रन प्रमुख दावेदार हैं।

बीजेपी का मास्टर प्लान

शाह की रणनीति में गठबंधन, संगठनात्मक विस्तार, और स्थानीय मुद्दों पर फोकस शामिल है।

1. गठबंधन की रणनीति

बीजेपी ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन को पुनर्जनन करने का फैसला किया है। मार्च 2025 में शाह और ई.के. पलानीस्वामी की मुलाकात ने इसकी नींव रखी। इसके अलावा, पत्ताली मक्कल काची (पीएमके) जैसे दलों को भी जोड़ा जा रहा है।

2. संगठनात्मक मजबूती

पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने बीजेपी का वोट शेयर 3.66% से 11.1% तक बढ़ाया। उनकी “एन मन एन मक्कल” यात्रा ने शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पहचान बनाई। हालांकि, गठबंधन सहयोगियों के साथ मतभेद एक चुनौती हैं।

3. डीएमके पर हमला

शाह ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप लगाए, जैसे कि 450 करोड़ रुपये की पोषण किटों का दुरुपयोग। यह रणनीति विपक्षी वोटों को एकजुट करने के लिए है।

4. स्थानीय भावनाओं का सम्मान

शाह ने मीनाक्षी मंदिर दर्शन और तमिल संस्कृति की प्रशंसा कर स्थानीय भावनाओं से जुड़ने की कोशिश की। बीजेपी द्रविड़वाद को सीधे चुनौती देने के बजाय भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही है।

चुनौतियां

  • द्रविड़ दलों की पकड़: डीएमके और कांग्रेस का गठबंधन मजबूत है।
  • क्षेत्रीय भावनाएं: द्रविड़वादी विचारधारा बीजेपी के लिए चुनौती है।
  • नए खिलाड़ी: विजय की टीवीके और सीमन की नाम तमिलर काची वोट बांट सकती हैं।

निष्कर्ष

अमित शाह का मास्टर प्लान तमिलनाडु में बीजेपी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश है। गठबंधन, संगठनात्मक विस्तार, और डीएमके के खिलाफ प्रचार उनकी मुख्य रणनीति है। हालांकि, द्रविड़ दलों की मजबूत पकड़ और नए खिलाड़ियों का उदय चुनौतियां हैं। क्या बीजेपी 2026 में तमिलनाडु में इतिहास रचेगी? अपनी राय कमेंट में साझा करें!

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