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BCCI Central Contract 2025-26: Grade A+ खत्म, रोहित–कोहली का डिमोशन और शुभमन गिल का प्रमोशन

BCCI Central Contract 2025-26: क्यों खत्म हुआ Grade A+? रोहित–कोहली का डिमोशन और गिल का प्रमोशन

नई दिल्ली | विशेष विश्लेषण – आमचर्चा

भारतीय क्रिकेट में 2025-26 सीज़न की शुरुआत से पहले ही बीसीसीआई ने ऐसा फैसला ले लिया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट गलियारों तक बहस छेड़ दी है। इस बार सबसे बड़ा और चौंकाने वाला कदम है –

BCCI central contract 2026
Grade A+ कैटेगरी को पूरी तरह खत्म करना

जिस ग्रेड में कभी विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज शामिल होते थे, वह अब इतिहास बन चुकी है। बीसीसीआई के इस फैसले को लेकर फैंस नाराज़ हैं और सवाल पूछ रहे हैं – क्या यह भविष्य की तैयारी है या दिग्गजों के सम्मान में कटौती?


BCCI Central Contract 2025-26 (पुरुष टीम)

ग्रेड खिलाड़ी
Grade A शुभमन गिल (टेस्ट/ODI कप्तान), जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा
Grade B रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर, श्रेयस अय्यर
Grade C अक्षर पटेल, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नीतीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई, रुतुराज गायकवाड़

फैंस क्यों हैं नाराज़?

1. रोहित और कोहली का डिमोशन

रोहित शर्मा और विराट कोहली दशकों तक भारतीय क्रिकेट की पहचान रहे हैं। लंबे समय तक Grade A+ में रहने के बाद अब उन्हें Grade B में डाल दिया गया है।

बीसीसीआई का तर्क है कि दोनों खिलाड़ी अब केवल एक फॉर्मेट (ODI) खेल रहे हैं, जबकि Grade A में वही खिलाड़ी रखे गए हैं जो मल्टी-फॉर्मेट क्रिकेट का हिस्सा हैं।

लेकिन फैंस का सवाल है – क्या अनुभव, नेतृत्व और विरासत की कोई कीमत नहीं?

2. अक्षर पटेल को Grade C में रखना

यह फैसला सबसे ज्यादा विवादित माना जा रहा है। अक्षर पटेल तीनों फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और कई बड़े मैचों में टीम के लिए निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं।

इसके बावजूद उन्हें Grade C में रखा गया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर Grade B में हैं। सोशल मीडिया पर इसे साफ तौर पर “अन्याय” कहा जा रहा है।

3. शुभमन गिल का प्रमोशन

शुभमन गिल को सीधे Grade A में रखना यह दर्शाता है कि बीसीसीआई अब भविष्य की टीम इंडिया की नींव रख रही है।

टेस्ट और ODI कप्तानी, निरंतर प्रदर्शन और फिटनेस – इन सब कारणों से गिल को शीर्ष ग्रेड में जगह मिली। हालांकि, सीनियर खिलाड़ियों के डिमोशन के साथ यह प्रमोशन बहस का कारण बन गया है।


कुछ और बड़े फैसले

  • मोहम्मद शमी बाहर: चोट के कारण इस बार कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर।
  • ईशान किशन बाहर: चयन नीति और उपलब्धता के चलते नाम शामिल नहीं।
  • महिला टीम: हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा Grade A में।

आमचर्चा का विश्लेषण

Grade A+ को खत्म करना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि बीसीसीआई की बदलती सोच का संकेत है। बोर्ड अब नाम और लोकप्रियता से ज्यादा फॉर्मेट, फिटनेस और भविष्य की योजना पर जोर दे रहा है।

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों का अचानक डिमोशन फैंस को भावनात्मक रूप से झकझोरता है।

सवाल यही है:
क्या यह बदलाव भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएगा, या फिर दिग्गजों की विरासत को धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है?

इस बहस का जवाब वक्त देगा, लेकिन 2025-26 का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भारतीय क्रिकेट के एक नए युग की शुरुआत जरूर करता है।


– आमचर्चा न्यूज़ डेस्क

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