ईरान की सड़कों पर दबी चीखें
तेहरान, मशहद, इस्फ़हान, शिराज़ और तबरीज़ — इन शहरों की गलियों में आज कोई जश्न नहीं है। न कोई युद्ध दिखाई देता है, न कोई शांति। बस एक ऐसा सन्नाटा है जो डर से भरा हुआ है। पुलिस की गाड़ियाँ बिना सायरन के गलियों में घूमती हैं, मोबाइल नेटवर्क अचानक गायब हो जाता है और लोग सुबह उठकर नहीं जानते कि उनके मोहल्ले से कौन आज वापस लौटेगा या नहीं।
ईरान एक बार फिर उबल रहा है, लेकिन इस बार उसका उबाल शोर नहीं करता। यही बात इस आंदोलन को इतिहास के सबसे खतरनाक ईरानी विद्रोहों में से एक बनाती है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल, मानवाधिकार संगठनों और बीबीसी फ़ारसी के अनुसार मौजूदा विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सुरक्षा बलों के दो सदस्य भी शामिल हैं। बीबीसी फ़ारसी ने 21 मौतों की स्वतंत्र पुष्टि की है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। ईरानी सरकार अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं कर रही।
2019 में ईंधन की कीमतों के खिलाफ उठे विद्रोह में कम से कम 323 लोग मारे गए थे। 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद 550 से अधिक लोग मारे गए। इस बार सत्ता ने तरीका बदल दिया है — अब वह मारती है, लेकिन दिखाती नहीं।
इंटरनेट को स्लो कर दिया जाता है, रात में मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिए जाते हैं, अस्पतालों और कब्रिस्तानों पर पुलिस तैनात कर दी जाती है ताकि जनाज़े भी विरोध का रूप न ले सकें।
सबसे भयावह संकेत यह है कि मरने वालों में बच्चे भी हैं। जब किसी शासन की गोलियाँ उम्र नहीं देखतीं, तब समझिए कि वह डर से शासन कर रहा है।
यह आंदोलन सिर्फ महिलाओं या युवाओं का नहीं रहा। यह अब पेट, बेरोज़गारी और भविष्य का आंदोलन बन चुका है। रियाल गिर चुका है, खाने-पीने की चीज़ें आम आदमी की पहुँच से बाहर हैं, और युवा देश छोड़ने का सपना देख रहे हैं।
खामोशी में चलता गृहयुद्ध
दुनिया का ध्यान इस समय यूक्रेन, ग़ज़ा और ताइवान पर है। ईरान की गलियाँ वैश्विक मीडिया से गायब हैं और यही सत्ता का सबसे बड़ा हथियार बन गया है।
लेकिन इतिहास बेरहम होता है। जो सत्ता आज अंधेरे में मारती है, वह अक्सर उजाले में गिरती है।
क्या खामेनेई का युग समाप्ति की ओर है?
85 वर्षीय अयातुल्लाह खामेनेई पर टिका पूरा तंत्र अब अंदर से दरक रहा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अब धार्मिक नहीं बल्कि आर्थिक साम्राज्य बन चुके हैं और युवा पीढ़ी इस शासन को अपना नहीं मानती।
FAQ
ईरान में अभी क्या हो रहा है?
ईरान में सरकार, महँगाई और दमन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।
क्या यह महसा अमीनी आंदोलन से अलग है?
हाँ, यह आंदोलन पूरे शासन और आर्थिक व्यवस्था के खिलाफ है।
क्या खामेनेई का शासन गिर सकता है?
यह आंदोलन सत्ता के भीतर गंभीर दरारें पैदा कर रहा है।

0 टिप्पणियाँ