उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: कड़ाके की ठंड की वापसी
आज़मगढ़ और पूर्वांचल में बढ़ेगी ठिठुरन, जानें अगले 7 दिन का पूरा हाल
आम चर्चा डेस्क | 24 जनवरी 2026
उत्तर भारत का मौसम एक बार फिर तेज़ी से करवट ले चुका है।
जनवरी के तीसरे सप्ताह में मिली हल्की राहत अब बीते दिनों की बात होती दिख रही है। पहाड़ी राज्यों में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और बर्फीली पछुआ हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में ठंड ने दोबारा ज़ोर पकड़ लिया है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पहाड़ों की बर्फबारी का असर मैदानों तक
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई ताज़ा बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानों में महसूस किया जा रहा है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों से चलने वाली ठंडी और शुष्क हवाएं उत्तर भारत के तापमान को तेजी से नीचे खींच रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात के समय ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। सुबह के वक्त मध्यम से घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
पूर्वांचल का मौसम: ठंड, कोहरा और धुंध का मिला-जुला असर
पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल में मौसम का मिज़ाज धीरे-धीरे सख्त होता जा रहा है। आज़मगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया और आसपास के जिलों में दिन के मुकाबले रातें कहीं ज़्यादा ठंडी रहने वाली हैं।
🌡️ तापमान का हाल
- आज़मगढ़ में फिलहाल न्यूनतम तापमान 12–13°C के आसपास
- 26–27 जनवरी के बीच गिरकर 9–10°C तक पहुंचने की संभावना
- अधिकतम तापमान 20–22°C के आसपास रह सकता है
इसका सीधा मतलब है कि सुबह और देर रात ठिठुरन बढ़ेगी, हालांकि दिन में हल्की धूप थोड़ी राहत दे सकती है।
गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा मौसम?
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूर्वांचल में मौसम सामान्य से ठंडा लेकिन साफ रहने की उम्मीद है।
- सुबह हल्की धुंध या कोहरा
- दोपहर में धूप निकलने की संभावना
- किसी बड़े मौसम अवरोध की आशंका नहीं
यानी ध्वजारोहण, परेड और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौसम कोई बड़ी बाधा नहीं बनेगा।
क्या होगी बारिश या बूंदाबांदी?
मौसम विभाग के अनुसार 28 जनवरी के आसपास एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है।
- कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी
- बादलों की आवाजाही में बढ़ोतरी
- नमी बढ़ने से ठंड अधिक चुभने वाली
हालांकि भारी बारिश या ओलावृष्टि की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
किसानों के लिए मौसम की चेतावनी
मौसम में इस बदलाव का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ सकता है।
- दलहनी और तिलहनी फसलों में नमी से नुकसान की आशंका
- आलू, सरसों और चना उत्पादक किसान रहें सतर्क
- सुबह के समय सिंचाई से बचने की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन अत्यधिक नमी नुकसान पहुंचा सकती है।
आम जनता के लिए ज़रूरी सावधानियाँ
- बुजुर्गों और बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं
- सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनना ज़रूरी
- कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग
- सर्दी, खांसी और बुखार को नजरअंदाज न करें
आगे क्या कहता है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के अंतिम दिनों में ठंड अपने चरम पर रह सकती है। फरवरी के पहले सप्ताह से धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी के संकेत मिलेंगे, लेकिन तब तक पूर्वांचल समेत उत्तर भारत को ठंड से पूरी राहत नहीं मिलेगी।
आम चर्चा का विश्लेषण
उत्तर भारत में ठंड की यह वापसी यह दिखाती है कि मौसम अब पहले जैसा स्थिर नहीं रहा। तेज़ी से बदलते मौसम पैटर्न आम जनजीवन, खेती और स्वास्थ्य—तीनों को प्रभावित कर रहे हैं।
आम चर्चा आपके लिए लाता रहेगा पूर्वांचल के दिल से, देश के नाम — मौसम से जुड़ी हर ज़मीनी और भरोसेमंद खबर।

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